"सुनिए जी ! हम अपनी बेटी का दाखिला लड़कियों वाले स्कूल में ही करायेंगे !",
बेटी के जन्म होने के कुछ दिन बाद ही रमा अपने पति से बोली , " मैंने शर्मा जी की लड़की को देखा है, कोएड में पढ़ने का क्या असर हुआ है ! दिन भर लड़कों से बातें , यहाँ तक कि घर आना जाना भी है| न बाबा न! लड़की को अच्छे संस्कार देने है हमें "|
तीन साल बाद रमा की बेटी स्कूल जाने लायक होती है, " सुनिए जी ! आज ऑफिस से लौटते हुए दाखिले के फॉर्म ले आइयेगा, इस साल दाखिला करवाना है इसका | और सुनिए कोएड के ही लाईयेगा , शर्मा जी की बेटी का डॉक्टरी में हो गया है, सुना है कोएड में पढ़के बड़ा पर्सनैलिटी डेवेलपमेंट होता है "!!
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Saturday, March 27, 2010
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